बीकानेर: राजस्थान के बीकानेर शहर में एक मांगलिक कार्यक्रम की खुशियां उस समय अचानक चिंता में बदल गईं, जब शादी से पहले आयोजित एक घरेलू रस्म के दौरान मिठाई खाने से करीब 20 लोगों की तबीयत एकाएक खराब हो गई। बीमार पड़ने वालों में एक ही कुनबे के 13 लोग शामिल हैं, जिन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए स्थानीय पीबीएम (PBM) अस्पताल ले जाया गया। राहत की बात यह है कि चिकित्सालय में तुरंत उपचार मिलने के बाद फिलहाल सभी प्रभावित मरीजों की स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में और स्थिर बनी हुई है।

शादी के जश्न के बीच देर रात हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहर की राधाकिशन कॉलोनी में रहने वाले एक प्रतिष्ठित परिवार में आगामी 22 जुलाई को विवाह समारोह होना तय हुआ है। इसी मांगलिक उत्सव के सिलसिले में घर पर मेहमानों का आना-जाना लगा हुआ था और विभिन्न प्रकार के नेगचार व रस्में चल रही थीं। परिजनों ने बताया कि उत्सव के लिए सुजानदेसर इलाके की एक स्थानीय दुकान से विशेष रूप से 'चमचम' मिठाई मंगवाई गई थी। देर रात जब परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों ने छेने से तैयार इस मिठाई का सेवन किया, तो उसके कुछ ही देर बाद एक-एक कर लोगों को उल्टी, पेट दर्द, जी मिचलाने और तेज बेचैनी की शिकायत होने लगी।

अस्पताल में मची अफरा-तफरी और त्वरित इलाज

देखते ही देखते जब एक साथ एक दर्जन से अधिक लोगों की हालत बिगड़ने लगी, तो घर में कोहराम मच गया। शादी की खुशियों के बीच परिजन और पड़ोसी सभी बीमार लोगों को लेकर तुरंत पीबीएम अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में पहुंचे, जहां स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने सभी को तत्काल एचआई (HI) वार्ड में भर्ती कर लिया। आपातकालीन ड्यूटी पर तैनात पैरामेडिकल स्टाफ और चिकित्सकों की टीम ने बिना समय गंवाए सभी मरीजों का प्राथमिक उपचार और ड्रिप चढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की। इस सामूहिक घटना की भनक लगते ही मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी और विभाग की एक विशेष टीम भी स्थिति का जायजा लेने अस्पताल पहुंच गई।

फूड पॉइजनिंग का शिकार हुए पीड़ित और उनकी पहचान

स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों और डिप्टी सीएमएचओ डॉ. लोकेश गुप्ता ने अस्पताल का दौरा करने के बाद इस पूरी घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच और लक्षणों के आधार पर यह साफ तौर पर दूषित मिठाई खाने की वजह से हुई 'फूड पॉइजनिंग' (खाद्य विषाक्तता) का मामला प्रतीत हो रहा है। चिकित्सालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, उपचाराधीन मरीजों में मुकेश, बाबूलाल, देवीलाल, बद्रीलाल, राजू देवी, मनीषा, मोनू, नीलम, लक्ष्मण, गुड्डू, आरती और भोजराज सहित परिवार के अन्य सदस्य शामिल हैं, जिन्हें डॉक्टरों ने पूरी तरह खतरे से बाहर बताया है।

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शुरू की सख्त जांच

इस गंभीर लापरवाही के सामने आने के बाद स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा विभाग पूरी तरह से हरकत में आ गया है। प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है, जो संबंधित सुजानदेसर स्थित उस मिठाई प्रतिष्ठान पर जाकर स्टॉक को सीज करेगा और वहां तैयार की जा रही मिठाइयों व कच्चे माल के कानूनी सैंपल (नमूने) एकत्र करेगा। इन सैंपलों को लेबोरेटरी जांच के लिए भेजा जाएगा ताकि यह स्पष्ट हो सके कि भीषण गर्मी और उमस के इस मौसम में छेने की मिठाई में किस प्रकार का रासायनिक या बैक्टीरियल संक्रमण हुआ था, जिससे इतनी बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़े।