चूरी में पानी की किल्लत, तपती गर्मी में हालात बेहाल
कोटपूतली। क्षेत्र की ग्राम पंचायत चूरी में भीषण गर्मी के साथ ही गहराते जल संकट ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले एक महीने से जलापूर्ति पूरी तरह बाधित होने के कारण बुधवार को ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया। आक्रोशित महिलाओं और पुरुषों ने पंचायत भवन के समीप स्थित पानी की टंकी के पास एकत्रित होकर जलदाय विभाग और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मटके फोड़कर अपना विरोध दर्ज कराया।
बूंद-बूंद पानी को मोहताज ग्रामीण
अप्रैल की झुलसाने वाली गर्मी और लू के बीच पानी की किल्लत ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें पीने के पानी तक के लिए भटकना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा संकट महिलाओं के सामने है, जिनका पूरा दिन पानी के इंतजाम में ही बीत जाता है, जिससे घर के अन्य कार्य और बच्चों की देखभाल बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
आर्थिक और शारीरिक बोझ
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया कि सरकारी सप्लाई ठप होने के कारण उन्हें मजबूरन निजी नलकूपों से ऊंचे दामों पर पानी खरीदना पड़ रहा है। जिन परिवारों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, उन्हें कई किलोमीटर दूर से तपती धूप में पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। यह स्थिति न केवल कष्टकारी है, बल्कि लोगों की जेब पर भी भारी पड़ रही है।
प्रशासन की अनदेखी से बढ़ा रोष
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार पंचायत और जलदाय विभाग के अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकाला गया। अधिकारियों की इसी लापरवाही और उदासीनता के कारण लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द ही नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई, तो वे चक्का जाम और उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
तत्काल हस्तक्षेप की मांग
प्रदर्शन के माध्यम से ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि खराब पड़ी व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त किया जाए और भीषण गर्मी को देखते हुए चूरी ग्राम पंचायत में टैंकरों या वैकल्पिक माध्यमों से पानी की व्यवस्था कराई जाए।

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