नए शहर की योजना से राजस्थान में बदलेगा शहरी नक्शा
बालोतरा। बाड़मेर-बालोतरा क्षेत्र में स्थित पचपदरा रिफाइनरी के आसपास का इलाका आने वाले समय में पश्चिमी राजस्थान का सबसे बड़ा औद्योगिक और शहरी केंद्र बनने जा रहा है। राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (RIICO) ने यहाँ सिर्फ फैक्ट्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि एक आधुनिक शहर के रूप में स्कूल, कॉलेज, मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल, ग्रुप हाउसिंग, मल्टीप्लेक्स, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, होटल, रिसॉर्ट और मॉल जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं विकसित करने की कवायद शुरू कर दी है। इस मेगा प्रोजेक्ट से जहां स्थानीय युवाओं के लिए नौकरियों की बाढ़ आएगी, वहीं शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलेगा।
प्रथम चरण का काम पूरा, 89 करोड़ के निवेश से खुलेगा रोजगार का रास्ता
रीको के इकाई प्रभारी कुलदीप दाधीच ने बताया कि बालोतरा-बाड़मेर राष्ट्रीय राजमार्ग-25 पर स्थित बोरावास-कलावा क्षेत्र में पहले चरण के तहत 29.77 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र का निर्माण पूरा कर लिया गया है। यहाँ 86 औद्योगिक प्लॉट और 8 'प्लग एंड प्ले' मॉडल फैक्ट्री शेड्स तैयार किए गए हैं, जहाँ सड़क और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं मुहैया करा दी गई हैं। अब तक 27 बड़ी कंपनियों को 38 भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। इन इकाइयों में करीब 89.13 करोड़ रुपये का निवेश होगा, जिससे प्रत्यक्ष रूप से 489 लोगों को रोजगार मिलेगा।
दूसरे चरण की बड़ी तैयारी: 213 हेक्टेयर में विकसित होंगे 257 नए प्लॉट्स
औद्योगिक विकास की भारी मांग को देखते हुए रीको ने बोरावास औद्योगिक क्षेत्र के दूसरे चरण (फेज-2) पर काम शुरू कर दिया है। इसके तहत 213.70 हेक्टेयर की विशाल भूमि पर 500 वर्ग मीटर से लेकर 1.62 लाख वर्ग मीटर तक के 257 नए भूखंड विकसित किए जा रहे हैं। फिलहाल, 87.64 हेक्टेयर भूमि पर बुनियादी विकास कार्यों जैसे सड़क, बिजली और स्ट्रीट लाइट के लिए टेंडर (निविदाएं) जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही इस पूरे क्षेत्र को नए निवेशकों के लिए खोल दिया जाएगा।
सिर्फ उद्योग नहीं, रिफाइनरी बेल्ट में बसेगा मिनी स्मार्ट सिटी
राजस्थान सरकार की दूरगामी सोच के तहत रिफाइनरी के पास स्थित रामनगर (थोब), सिंधियों की ढाणी, वेदरलाई, बोरावास, खेमाबाबा नगर, रातानाडा, मालियों की ढाणी, बाम नेवाई और जेरला की सैकड़ों हेक्टेयर भूमि रीको को ट्रांसफर कर दी गई है। रीको इस पूरे बेल्ट में केवल कारखाने नहीं लगाएगा, बल्कि बड़े शैक्षणिक संस्थान, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, शानदार आवासीय कॉलोनियां, होटल और मनोरंजन केंद्र भी विकसित करेगा। इसके लिए देश-दुनिया के बड़े निवेशकों से जल्द ही प्रस्ताव (प्रपोजल) आमंत्रित किए जा रहे हैं।
एक नजर में विकास की 'फैक्ट फाइल'
रिफाइनरी बेल्ट में हो रहे इस बड़े बदलाव को आंकड़ों के जरिए इस तरह समझा जा सकता है:
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29.77 हेक्टेयर: प्रथम चरण में विकसित कुल औद्योगिक क्षेत्र।
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86 प्लॉट और 8 शेड्स: उद्योगों की स्थापना के लिए पहले फेज में तैयार बुनियादी ढांचा।
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89.13 करोड़ रुपये: अब तक आवंटित 27 इकाइयों द्वारा किया जाने वाला प्रस्तावित निवेश।
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489 लोगों को रोजगार: पहले चरण की फैक्ट्रियों से मिलने वाली नौकरियों का प्रारंभिक अनुमान।
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213.70 हेक्टेयर: द्वितीय चरण के लिए आरक्षित विशाल भूमि, जहाँ 257 नए प्लॉट तैयार होंगे।

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