देहरादून: बाबा केदार के दर्शन के लिए उमड़ने वाली भीड़ और सोशल मीडिया के बढ़ते क्रेज को देखते हुए केदारनाथ मंदिर समिति ने एक कड़ा फैसला लिया है। अब मंदिर परिसर के भीतर मोबाइल फोन का इस्तेमाल पूरी तरह वर्जित होगा। यह निर्णय मंदिर की आध्यात्मिक शांति और पवित्रता को अक्षुण्ण रखने के लिए लिया गया है।

रील और फोटोग्राफी पर लगेगी लगाम

मंदिर समिति के सदस्य विनीत पोस्ती ने बताया कि मंदिर की मर्यादा बनाए रखने के लिए अब किसी भी श्रद्धालु को भीतर मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हाल के दिनों में मंदिर के भीतर फोटो खींचने, वीडियो बनाने और रील शूट करने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए यह सख्ती बरती गई है। समिति ने साफ चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को न केवल रोका जाएगा, बल्कि उनके खिलाफ दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।

श्रद्धालुओं से सहयोग की अपेक्षा

मंदिर प्रशासन ने देशभर से आने वाले भक्तों से भावुक अपील की है कि वे इस पावन स्थल की गरिमा का सम्मान करें। प्रशासन का मानना है कि इस प्रतिबंध से भक्तों का ध्यान भटकाव से बचेगा और वे शांतिपूर्ण ढंग से बाबा के दर्शन कर सकेंगे।

कल सुबह 8 बजे खुलेगा 'स्वर्ग का द्वार'

यह ऐतिहासिक फैसला कपाट खुलने की पूर्व संध्या पर आया है। परंपरा के अनुसार, बाबा की डोली गौरीकुंड से प्रस्थान कर चुकी है और इसके धाम पहुँचते ही 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे पूरे विधि-विधान के साथ कपाट खोल दिए जाएंगे।

चारधाम यात्रा का कैलेंडर

सर्दियों के 6 महीने के अंतराल के बाद केदारघाटी एक बार फिर शिवभक्तों के स्वागत के लिए तैयार है:

  • केदारनाथ: 22 अप्रैल (सुबह 8:00 बजे)

  • बदरीनाथ: 23 अप्रैल (कपाट खुलने का प्रस्तावित समय)

  • गंगोत्री व यमुनोत्री: 19 अप्रैल (कपाट पहले ही खुल चुके हैं)

बता दें कि इन शुभ मुहूर्तों की घोषणा महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर ही कर दी गई थी। अब प्रशासन का पूरा ध्यान यात्रियों की सुरक्षा और मंदिर की मर्यादा बनाए रखने पर है।