बीजेपी में नई उम्मीद: महमूदाबाद विवाद से चर्चित प्रोफेसर की राजनीति में एंट्री
नई दिल्ली । अशोका यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अली खान महमूदाबाद की सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सुर्खियों में है। पूरे मामले में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से जुड़ी रेनू भाटिया का नाम सामने आया है। ये वहीं रेनू भाटिया जिन्हें बीजेपी की बेनजीर कहा जाता है।
भाटिया फिलहाल हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन हैं। वे भाजपा की तेज़तर्रार महिला नेताओं में शामिल हैं और वे दिवंगत नेता और पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की बेहद करीबी मानी जाती थीं।
दरअसल, ‘बीजेपी की बेनजीर’ की उपाधि उन्हें स्वराज ने ही दी थी, उनके आक्रामक राजनीतिक तेवर, बेबाक बयानबाज़ी और महिला अधिकारों के मुद्दों पर मुखर रवैये के चलते।
वहीं अली खान की गिरफ्तारी के बाद यूनिवर्सिटी के फैकल्टी मेंबर्स उनके समर्थन में सामने आए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, दर्जनों शिक्षक राई थाने के बाहर मौजूद रहे। इन सभी का मकसद पुलिस कार्रवाई पारदर्शी हो, प्रोफेसर को मानसिक समर्थन मिले, और किसी तरह का अन्याय न हो।
वहीं प्रोफेसर अली खान जैसे प्रतिष्ठित शिक्षाविद की गिरफ्तारी ने शैक्षणिक स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की सीमा और राजनीतिक हस्तक्षेप पर बहस छेड़ दी है।

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