‘ममता की हार का बदला लिया गया’: सुवेंदु अधिकारी का चौंकाने वाला आरोप
कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राज्य में एक बार फिर राजनीतिक हिंसा का खौफनाक मंजर देखने को मिला है। भवानीपुर से नवनिर्वाचित विधायक सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी और उनके एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की 5 मई 2026 की रात बेरहमी से हत्या कर दी गई। चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत के मात्र दो दिन बाद हुई इस वारदात ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना को चुनाव बाद की हिंसा (Post-Poll Violence) का ताजा और सबसे गंभीर उदाहरण माना जा रहा है, जिससे पूरे बंगाल में सियासी उबाल आ गया है।
पूर्व वायुसेना जवान की सुनियोजित हत्या
41 वर्षीय चंद्रनाथ रथ भारतीय वायुसेना के पूर्व जवान थे और राजनीति में सुवेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद रणनीतिकार के रूप में उभरे थे। पुलिस जांच के अनुसार, यह पूरी घटना एक सुव्यवस्थित 'प्री-प्लान्ड मर्डर' प्रतीत होती है। वारदात के समय चंद्रनाथ अपनी स्कॉर्पियो कार में सवार थे, तभी बाइक सवार हमलावरों ने उन्हें रोककर बेहद करीब से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। कुल चार गोलियां चलाई गईं, जिनमें से तीन चंद्रनाथ को लगीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सीसीटीवी फुटेज से संकेत मिले हैं कि हमलावरों ने वारदात को अंजाम देने से पहले दो-तीन दिनों तक इलाके की रेकी की थी और हमले में इस्तेमाल वाहन की नंबर प्लेट भी फर्जी पाई गई है।
सुवेंदु अधिकारी का तीखा हमला और गंभीर आरोप
अपने सबसे भरोसेमंद सहयोगी को खोने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने सीधे तौर पर सत्ता पक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने भावुक और आक्रामक होते हुए कहा कि चंद्रनाथ की हत्या सिर्फ इसलिए की गई क्योंकि उन्होंने भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को मात देने में उनकी मदद की थी। अधिकारी ने इसे 15 साल के 'महा जंगल राज' का परिणाम बताते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी कार्यकर्ताओं को डराने के लिए ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने और कानून हाथ में न लेने की अपील करते हुए यह भी संकल्प लिया कि वह अपनी हर जिम्मेदारी पूरी करेंगे और दोषियों को अंजाम तक पहुँचाएंगे।
दहशत का माहौल और पुलिस की कार्रवाई
इस हाई-प्रोफाइल हत्या के बाद भवानीपुर और आसपास के इलाकों में तनाव चरम पर है। स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और कई जगहों पर सुरक्षा बढ़ाने की मांग की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया है और डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता की निगरानी में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। दूसरी ओर, चंद्रनाथ के परिवार में मातम पसरा है; उनकी मां का कहना है कि उनके बेटे को केवल राजनीतिक रंजिश के चलते निशाना बनाया गया। फिलहाल पुलिस हमलावरों की तलाश में छापेमारी कर रही है, लेकिन इस घटना ने बंगाल की राजनीति में प्रतिशोध के नए दौर की आशंका पैदा कर दी है।

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