बार-बार दूध खराब हो रहा है? जानिए स्टोर करने का सही तरीका
चिलचिलाती गर्मी का मौसम शुरू होते ही रसोई में खाने-पीने की चीजों के जल्दी खराब होने का डर सताने लगता है। यदि भोज्य पदार्थों को सही ढंग से संभालकर न रखा जाए, तो वे चंद घंटों में ही सड़ जाते हैं। दूध भी एक ऐसी ही संवेदनशील चीज है, जो बढ़ते तापमान के कारण बहुत जल्दी रासायनिक बदलाव का शिकार होकर फट जाता है। कई बार तो सुबह लाया गया ताजा दूध शाम होने से पहले ही खराब हो जाता है, या फिर गैस पर चढ़ाते ही फट जाता है।
दूध के इस तरह बर्बाद होने से न सिर्फ पैसों का नुकसान होता है, बल्कि घर का पूरा रूटीन भी बिगड़ जाता है। खासकर जिन परिवारों में छोटे बच्चे या बुजुर्ग हैं, वहाँ दूध की शुद्धता और ताजगी बनाए रखना बेहद जरूरी है। अक्सर लोग दूध फटने का पूरा दोष उसकी क्वालिटी या दूधवाले पर मढ़ देते हैं, जबकि असल वजह हमारी ही कुछ छोटी-छोटी रोजमर्रा की लापरवाहियाँ होती हैं।
गर्मियों के दिनों में हवा में बैक्टीरिया (जीवाणु) बहुत तेजी से पनपते हैं। ऐसे में दूध को सही तापमान पर न रखना, जूठे या गंदे बर्तन का इस्तेमाल करना, या उसे बार-बार उबालना उसकी शेल्फ लाइफ को खत्म कर देता है। अगर आप भी इस समस्या से आजिज आ चुके हैं, तो नीचे दिए गए आसान और असरदार घरेलू नुस्खों को अपनाकर अपने दूध को लंबे समय तक सुरक्षित और ताजा रख सकते हैं।
1. जूठे, गंदे या गीले बर्तनों का इस्तेमाल
दूध उबालने के लिए इस्तेमाल होने वाला बर्तन अगर पूरी तरह साफ नहीं है, तो दूध तुरंत फट जाएगा। बर्तन में पहले से लगी हल्की सी खटास, साबुन का अंश या गंदा पानी दूध के तत्वों को तुरंत बिगाड़ देता है। गर्मी में बैक्टीरिया बहुत सक्रिय होते हैं, इसलिए थोड़ी सी भी गंदगी पूरे दूध को बर्बाद कर सकती है।
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क्या करें: दूध पलटने से पहले बर्तन को एक बार साफ पानी से अच्छी तरह धोकर सुखा लें। मुमकिन हो तो दूध उबालने के लिए एक अलग बर्तन ही तय रखें।
2. उबलने के बाद घंटों बाहर छोड़ देना
अक्सर लोग दूध को गैस पर उबालने के बाद उसे ठंडा होने के नाम पर घंटों तक किचन के सामान्य तापमान में ही खुला छोड़ देते हैं। मई-जून की भीषण गर्मी में यह भूल सबसे भारी पड़ती है। गर्म वातावरण मिलते ही दूध में कीटाणु तेजी से बढ़ने लगते हैं।
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क्या करें: जैसे ही दूध उबल जाए और वह कमरे के तापमान (नॉर्मल) पर आ जाए, तो बिना वक्त गंवाए उसे तुरंत फ्रिज के भीतर रख दें। उसे पूरी रात या कई घंटों तक बाहर रखने की गलती न करें।
3. बार-बार गैस पर खौलाते रहना
कई गृहणियों की आदत होती है कि वे दूध को खराब होने से बचाने के चक्कर में दिनभर में तीन से चार बार उबालती हैं। ऐसा करने से फायदे की जगह नुकसान होता है। बार-बार तेज आंच पर गर्म करने से दूध के जरूरी पोषक तत्व और प्रोटीन नष्ट हो जाते हैं, जिससे उसकी थिकनेस खत्म होती है और वह जल्दी फट जाता है।
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क्या करें: दिन में एक या अधिकतम दो बार ही दूध उबालें। आपको चाय, कॉफी या पीने के लिए जितनी जरूरत हो, उतना ही दूध मुख्य बर्तन से अलग निकालकर गर्म करें।
4. फ्रिज के तापमान और कूलिंग का ध्यान न रखना
यदि आपके फ्रिज का तापमान सही नहीं है या वह ठीक से कूलिंग नहीं कर रहा है, तो फ्रिज के अंदर रखने के बाद भी दूध फट सकता है। इसके अलावा, एक आम गलती यह होती है कि लोग दूध के पतीले या पैकेट को फ्रिज के दरवाजे वाली शेल्फ (डोर ट्रे) में रख देते हैं, जहाँ बार-बार गेट खुलने से तापमान बदलता रहता है।
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क्या करें: गर्मियों में फ्रिज का तापमान हमेशा 4 डिग्री सेल्सियस या उससे कम पर सेट रखें। दूध को हमेशा फ्रिज के सबसे ठंडे हिस्से यानी अंदरूनी मुख्य शेल्फ में पीछे की तरफ रखें।
5. पुराना या खराब क्वालिटी का दूध खरीदना
कई बार समस्या हमारे रख-रखाव में नहीं, बल्कि दूध की खरीद में होती है। कई डेयरियों में दूध को सही कोल्ड चेन में नहीं रखा जाता, जिससे वह आपके घर पहुंचने से पहले ही खराब होने की कगार पर होता है।
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क्या करें: हमेशा किसी विश्वसनीय ब्रांड या भरोसेमंद डेयरी से ही दूध लें। अगर आप पैकेट वाला दूध इस्तेमाल करते हैं, तो उस पर लिखी 'यूज़ बाई' या एक्सपायरी डेट देखना कभी न भूलें। यदि दूध की गंध में जरा सा भी बदलाव या खटास लगे, तो उसे तुरंत इस्तेमाल में ले लें।

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