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तीनों राज्यों में 1879 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर, 4 मई को आएंगे नतीजे
नई दिल्ली। असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए जोरदार प्रचार अभियान मंगलवार शाम 5 बजे समाप्त हो गया। अब इन राज्यों में गुरुवार 9 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा, जबकि चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। चुनावी माहौल में आरोप-प्रत्यारोप, जनसभाओं और वादों की गूंज के बाद अब मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे।
असम विधानसभा चुनाव में कुल 722 उम्मीदवार मैदान में हैं। यहां प्रमुख उम्मीदवारों में मुख्यमंत्री हेमंत विश्व शर्मा, कांग्रेस नेता गौरव गोगोई, एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल, विधानसभा अध्यक्ष विश्वजीत दैमारी, विपक्ष के नेता देवव्रत सैकिया, मंत्री रनोज पेगु, चंद्रमोहन पटवारी, अतुल बोरा, केशव महंत, अजंता नियोग, अशोक सिंघल, रायजोर दल के प्रमुख अखिल गोगोई और एजेपी अध्यक्ष लुरिंज्योति गोगोई शामिल हैं। राज्य में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच माना जा रहा है, जिससे चुनावी प्रतिस्पर्धा काफी रोचक हो गई है।
वहीं केरल और पुडुचेरी में भी चुनाव प्रचार थमने के साथ राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। केरल में एलडीएफ, यूडीएफ और एनडीए के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है, जबकि पुडुचेरी में एनडीए और यूपीए आमने-सामने हैं। तीनों राज्यों में कुल मिलाकर 1879 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। अब सभी की नजरें 9 अप्रैल को होने वाले मतदान और 4 मई को आने वाले चुनाव परिणामों पर टिकी हैं, जो इन राज्यों की राजनीतिक दिशा तय करेंगे।
धर्मनगर उपचुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला
इसी के साथ त्रिपुरा के धर्मनगर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के लिए भी प्रचार समाप्त हो गया है। यहां 9 अप्रैल को मतदान होगा। यह उपचुनाव भाजपा नेता और विधानसभा अध्यक्ष विश्व बंधु सेन के निधन के बाद कराया जा रहा है। इस सीट पर भाजपा, वाम मोर्चा और कांग्रेस ने अपने-अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जिससे मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।

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