आतंकवाद पर भारत का तुर्की को दो-टूक संदेश: पाकिस्तान पर दबाव डाले
नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच कई दिनों से चल रहे तनाव में तुर्की ने खुलकर इस्लामाबाद का साथ दिया था, जिसके बाद अब भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। तुर्की को खरी-खोटी सुनाते हुए भारत ने कहा है कि उसे पाकिस्तान से सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद करने और दशकों से पोषित आतंकवादी पारिस्थितिकी तंत्र के खिलाफ उचित कार्रवाई करने के लिए कहना चाहिए। तुर्की के मामले में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हमें उम्मीद है कि तुर्की पाकिस्तान से सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद करने और दशकों से पोषित आतंकवादी पारिस्थितिकी तंत्र के खिलाफ विश्वसनीय और सत्यापन योग्य कार्रवाई करने का आग्रह करेगा।
संबंध एक-दूसरे की चिंताओं के प्रति संवेदनशीलता के आधार पर बनते हैं।" इसके अलावा सेलेबी मामले में विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस बारे में तुर्की दूतावास से चर्चा की गई है। उन्होंने कहा, "लेकिन मैं समझता हूं कि यह विशेष निर्णय नागरिक उड्डयन सुरक्षा द्वारा लिया गया था।" एक महीने पहले जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया और पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए।
इस दौरान कई दिनों तक दोनों देशों के बीच युद्ध जैसे हालात रहे। चीन और तुर्की ने खुलकर पाकिस्तान का साथ दिया। तुर्की ने तो पाकिस्तान को साढ़े तीन सौ से ज़्यादा ड्रोन भी दिए और उन्हें ऑपरेट करने के लिए ऑपरेटिव भी भेजे। पाकिस्तान ने कई दिनों तक जम्मू से लेकर गुजरात तक इन ड्रोन से भारत पर हमला करने की कोशिश की, जिसे नाकाम कर दिया गया। इसके बाद से पाकिस्तान के साथ-साथ तुर्की के साथ भी भारत के रिश्तों में दरार आने लगी है।

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