नकली चांदी का खेल खत्म, पुलिस ने गिरोह का भंडाफोड़ किया
जयपुर: गुलाबी नगरी की मालपुरा गेट थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो नकली कीमती धातुओं के जरिए लोगों की मेहनत की कमाई पर डाका डाल रहा था। पुलिस की मुस्तैदी से इस संगठित गिरोह के दो मुख्य सदस्यों को दबोच लिया गया है जो नकली सोना और चांदी तैयार कर उसे असली बताकर बाजार से कम दामों में बेचने का झांसा देते थे। कानून के हाथ इन आरोपियों तक तब पहुंचे जब एक पीड़ित ने अपनी जमापूंजी गंवाने के बाद न्याय की गुहार लगाई और पुलिस ने तकनीकी सुरागों का पीछा करते हुए इन्हें गुजरात से धर दबोचा।
कम कीमत पर शुद्ध चांदी का झांसा देकर फंसाया जाल में
ठगी की इस पूरी साजिश की शुरुआत अहमदाबाद निवासी महबूब शेख द्वारा पीड़ित हरीश कुमार मीणा को विश्वास में लेने से हुई थी। आरोपी ने खुद को चांदी का बड़ा कारीगर बताते हुए यह दावा किया कि वह बेहद किफायती दरों पर उच्च गुणवत्ता वाली चांदी उपलब्ध करा सकता है। विश्वास जीतने के लिए जालसाजों ने पीड़ित को अपनी कथित फैक्ट्री में बुलाकर नकली चांदी बनाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन भी किया था। इस मायाजाल में फंसकर पीड़ित ने करीब पांच लाख रुपये आरोपियों के हवाले कर दिए जिसके बाद उसे अपनी भूल का अहसास हुआ और उसने पुलिस की शरण ली।
तकनीकी निगरानी और अंतरराज्यीय दबिश से हुई गिरफ्तारी
जैसे ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की तो आरोपी अपने ठिकानों से फरार हो गए थे लेकिन तकनीकी टीम ने उनकी मोबाइल लोकेशन का पीछा करना जारी रखा। पीछा करते हुए राजस्थान पुलिस की टीम अहमदाबाद तक जा पहुंची जहां से मुख्य आरोपी मेहबूब शेख और उसके साथी इब्राहिम छीपा को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने इनके पास से साढ़े चार लाख रुपये की नकदी के साथ-साथ नकली जेवरात बनाने के औजार और फर्जी मोहरें भी जब्त की हैं जो इनके अवैध कारोबार की गवाही दे रही हैं।
रिमांड पर पूछताछ में बड़े खुलासों की संभावना
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी मूल रूप से गुजरात के रहने वाले हैं जो जयपुर में छिपकर अपना आपराधिक नेटवर्क चला रहे थे। फिलहाल न्यायालय के आदेश पर दोनों आरोपियों को पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है जहां उनसे सख्ती से पूछताछ की जा रही है। जांच अधिकारियों को अंदेशा है कि इस गिरोह ने केवल जयपुर ही नहीं बल्कि अन्य शहरों में भी कई लोगों को अपना शिकार बनाया होगा। पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि इनके गिरोह में और कितने सदस्य शामिल हैं और इन्होंने अब तक कुल कितनी बड़ी रकम की धोखाधड़ी को अंजाम दिया है।

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