राजस्थान में सरकारी भर्ती में फर्जी तलाक का खेल बेनकाब
जयपुर : राजस्थान में सरकारी नौकरी की होड़ अब रिश्तों को भी निशाना बना रही है। झुंझुनू और सीकर जैसे जिलों में फर्जी तलाक का संगठित खेल सामने आया है, जिसने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज को हाल ही में कुछ चौंकाने वाली शिकायतें मिलीं, जिनमें आरोप था कि तलाकशुदा महिलाओं को मिलने वाले 2% आरक्षण का लाभ लेने के लिए दंपति नकली तलाक ले रहे हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि कई महिलाएं तलाक की डिक्री लेने के बावजूद आज भी अपने तथाकथित पूर्व पति के साथ रह रही हैं। इन दंपति के बीच न तो असल में कोई अलगाव हुआ और न ही पूरी कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई। दस्तावेजों की जांच में भी कई गड़बड़ियां मिलीं, जिससे स्पष्ट है कि यह सिर्फ कोटे के तहत नौकरी पाने के लिए ये खेल रचा गया।
पिछले कुछ महीनों में तलाकशुदा श्रेणी में आवेदनों की संख्या अचानक दोगुनी-तिगुनी हो गई, जिससे शक गहरा गया। संदिग्ध मामलों में भर्ती प्रक्रिया फिलहाल रोक दी गई है। 12 से अधिक मामलों की आंतरिक जांच जारी है और जल्द ही एसओजी को पूरी रिपोर्ट सौंपी जाएगी। आलोक राज के मुताबिक यह केवल नौकरी पाने का हथकंडा नहीं, बल्कि गंभीर अपराध है, जिसमें अदालत के फैसले का दुरुपयोग और सरकारी नियमों की खुली अवहेलना शामिल है। अब देखना यह होगा कि एसओजी की जांच इस फर्जी तलाक नेटवर्क की कितनी परतें खोलेगी।

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