बुरहानपुर : विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक व पूर्व केबिनेट मंत्री अर्चना चिटनिस 16 सालों से आस्था और जनसेवा का अनोखा उदाहरण पेश कर रही हैं. अर्चना चिटनिस ने 16 साल पहले अनूठी सेवा का संकल्प लिया था, तब से निरंतर नवरात्रि पर उस परंपरा को निभाती आ रही हैं. धामनगांव स्थित वाघेश्वरी माता मंदिर में हर साल वे चैत्र नवरात्री के पूरे 9 दिनों तक वीआईपी कल्चर छोड़कर गांव में घास-फूस की कुटिया में रहती हैं. इस दौरान वे माता की भक्ति में लीन रहती हैं और कुटिया से ही जनसेवा के कार्य करती हैं.

वाघेश्वरी माता के लिए विधायक का अनूठा संकल्प

जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर धामनगांव में स्थित मां वाघेश्वरी मंदिर परिसर में चैत्र नवरात्रि से लेकर गुड़ी पड़वा तक ग्रामोदय मेला आयोजित हो रहा है. इस मेले में धार्मिक आस्था, संस्कृति, ग्रामीण परंपरा और मनोरंजन का अनोखा संगम देखने मिलता है. इस उत्सव के दौरान विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री अर्चना चिटनिस का अनूठा संकल्प भी देखने मिलता है. पिछले 16 सालों से अर्चना चिटनिस धामनगांव स्थित वाघेश्वरी माता के दर पर सेवा में लग जाती हैं और वीआईपी नहीं बल्कि आमजन की तरह एक घास-भूंस की कुटिया में रहकर सेवा करती हैं.

कुटिया से मंत्रालय भी चला चुकी हैं अर्चना चिटनिस

इस संकल्प को लेकर अर्चना चिटनिस कहती हैं, '' चैत्र नवरात्रि में मैं यहां झोपड़ी में ही रात्रि विश्राम करती हूं, यहां ग्रामीण परिवेश में रहती हूं. मैंने 16 सालों पहले ये संकल्प लिया था तभी से निभा रही हूं. इस दौरान ग्रामीणों के बीच संवाद कार्यक्रम करती हूं और यहां जल संरक्षण, अर्थव्यवस्था, रोजगार, सहित परंपरागत कृषि पद्धति जैसे विषयों पर चर्चा करती हूं. इस बार भी हमारे जनसेवा के कार्य किसानों पर केंद्रित हैं. साथ ही हम सभी पूरी शिद्दत से माता रानी की आराधना में जुटे रहते हैं और साथ ही जनसेवा के कार्य जारी रखते हैं.''

सबसे खास बात यह है कि इससे पहले दो बार अर्चना चिटनिस ने मंत्री रहते हुए इस कुटिया से मध्यप्रदेश सरकार का मंत्रालय भी चलाया था. उस दौरान वे शिक्षा मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय संभाल रही थीं. इस बार वे बतौर विधायक कुटिया से अपने कार्य भी जारी रख रही हैं.

गुरुवार से मां वाघेश्वरी ग्रामोदय मेला

गुरुवार से धामनगांव में मां वाघेश्वरी ग्रामोदय मेला लगेगा, यहां रोजाना धार्मिक व सांस्कृतिक और कृषि आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इसके अलावा किसानों के लिए परंपरिक खेती, जैविक खेती सहित अत्याधुनिक खेती के विशेष गुर सिखाएंगे, साथ ही यहां नव खंजरी के फूल, कॉमेडी, व्यायामशालाओं का प्रदर्शन, पारंपरिक कांटा-कुश्ती, आम दंगल, नागपुर की चंद्रमुखी लावणी डांस, मराठी रंगारंग कार्यक्रम, इंडियन आइडल फेम गायक राहुल द्वारा भक्ति गीत, भारुंड रंग की प्रस्तुति सहित सांस्कृतिक प्रस्तुति दी जाएंगी. मां वाघेश्वरी ग्रामोदय मेले में इस बार हस्तशिल्प और वस्त्र बाजार, महाराष्ट्र की पारंपरिक साड़ियां, चंदेरी व महेश्वरी साड़ियां, बाग प्रिंट के वस्त्र के साथ-साथ आदिवासी महिलाओं की पसंदीदा साड़ियों और गमछों की विशेष दुकानें लगाई जाएंगी.