बड़वानी। पाटी क्षेत्र में महज 100 रुपये के लेनदेन को लेकर हुए विवाद के बाद एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटीज एक्ट) लीलाधर सोलंकी की अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास और 25-25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस घटना को प्रशासन ने जघन्य एवं सनसनीखेज प्रकरणों की श्रेणी में शामिल किया था।

उधार के 100 रुपये मांगने पर हुआ था विवाद

उपनिदेशक अभियोजन महेश पटेल के अनुसार, घटना 29 मार्च 2026 की देर रात गंधावल रोड स्थित टंटनेश्वर महादेव मंदिर के पास की है। पीड़ित फुलसिंग ने आरोपी मनीष को पत्ते खेलने के लिए 100 रुपये उधार दिए थे। लगभग एक घंटे बाद जब फुलसिंग ने अपने रुपये वापस मांगे, तो मनीष ने इनकार कर दिया और विवाद करने लगा। इसके बाद मनीष, रणछोड़ और वीरेंद्र ने मिलकर फुलसिंग के साथ लात-घूंसों से बेरहमी से मारपीट की।

गंभीर चोटों के कारण तड़के हुई मौत

मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया और घायल फुलसिंग को उसके घर पहुँचाया। मारपीट के कारण फुलसिंग को सीने, पेट और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर आंतरिक चोटें आई थीं। तड़के करीब 4 बजे अत्यधिक दर्द और चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों व परिजनों ने पाटी थाने पहुँचकर मामला दर्ज कराया।

अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर सुनाई सजा

पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर अदालत में चालान प्रस्तुत किया। अपर लोक अभियोजक जगदीश यादव द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपियों—मनीष, रणछोड़ और वीरेंद्र को धारा 105 (बीएनएस) के तहत दोषी पाया और उन्हें 10-10 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई।