जयपुर के 17 साल पुराने जिंदा बम मामले में 4 अप्रैल को आएगा फैसला
जयपुर,। जयपुर में 17 साल पहले हुए सीरियल बम ब्लास्ट के दौरान रामचंद्र मंदिर (चांदपोल) के पास मिले जिंदा बम के मामले में 4 अप्रैल को फैसला सुनाया जा सकता है। जयपुर बम ब्लास्ट मामलों की विशेष अदालत के जज रमेश कुमार जोशी इस केस में चार आरोपियों के खिलाफ फैसला सुनाएंगे।
गौरतलब है कि 13 मई 2008 को जयपुर के चारदीवारी क्षेत्र में 8 सीरियल बम धमाके हुए थे। इस मामले की सुनवाई करते हुए 20 दिसंबर 2019 को जयपुर की विशेष अदालत ने सैफुर्रहमान, मोहम्मद सैफ, मोहम्मद सरवर आजमी और एक अन्य आरोपी को फांसी की सजा सुनाई थी। इसके बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने 29 मार्च 2023 को इस फैसले को पलटते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया। हाईकोर्ट ने अपनी टिप्पणी में जांच एजेंसियों की कमियों को उजागर किया था, जिसके बाद राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की।
जिंदा बम मामले में एटीएस की नई चार्जशीट
25 दिसंबर 2019 को एटीएस ने इन आरोपियों को जिंदा बम प्लांट करने के मामले में गिरफ्तार किया था। हाईकोर्ट द्वारा बरी किए जाने के बाद एटीएस ने नई चार्जशीट पेश की, जिसमें तीन नए गवाह जोड़े गए। इस केस में कुल 112 गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जिनमें पत्रकार प्रशांत टंडन, पूर्व एडीजी अरविंद कुमार और साइकिल मरम्मत करने वाले दिनेश महावर शामिल हैं। अब इस मामले में 4 अप्रैल को विशेष अदालत अपना अंतिम फैसला सुना सकती है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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