Thursday, 21 March 2019, 10:49 AM

मूमल विशेष

फ़िल्म उद्योग में और कितने मुबारक बेगम !

Updated on 25 July, 2016, 17:29
“अपने ज़माने की बेहतरीन गायिका मुबारक बेगम दुनिया से विदा हो गईं । 'शो मस्ट गो ऑन' के दर्शन में यक़ीन रखने वाली फ़िल्म इंडस्ट्री की आबोहवा पर उनकी रुख़्साती से कोई फ़र्क़ ना तो पड़ना था और ना ही पड़ा । बेशक आम भारतीय आज भी उनके गीत 'कभी... आगे पढ़े

outlookhindi.com पर देखें सैयद हैदर रजा का खास इंटरव्यू

Updated on 25 July, 2016, 17:25
“अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त भारतीय चित्रकार सैयद हैदर रजा का शनिवार को निधन हो गया। पद्मश्री और पद्म भूषण से सम्मानित सैयद हैदर रज़ा उर्फ़ एस.एच. रज़ा का जन्म 22 फ़रवरी 1922 को मध्य प्रदेश के मंडला जिले के बावरिया में हुआ था। ” वर्ष 1950 के बाद से रजा फ्रांस में रहने... आगे पढ़े

हमेशा ही याद आएंगी मुबारक बेगम

Updated on 22 July, 2016, 11:16
“कभी तनहाइयों में हमारी याद आएगी...सन 1961 का सबसे बड़ा हिट रोमांटिक गाना था। इसे गाया था, मुबारक बेगम ने। अस्सी की उम्र में मुबारक बेगम इस दुनिया को अलविदा कह गईं। उनके पीछे तनहाईयों में अब बस उनकी याद है। ” मुंबई के उपनगर जोगेश्वरी में कल मुबारक बेगम ने... आगे पढ़े

इतिहास: जानिए सिन्धु घाटी सभ्यता के बारे में खास बातें

Updated on 18 July, 2016, 12:35
मुअन जो दड़ो / मोहनजोदाड़ो जिसका अर्थ 'मुर्दों का टीला है' 2600 ईसा पूर्व की एक सुव्यवस्थित नगरीय सभ्यता थी। हड़प्पा, मेहरगढ़ और लोथल की ही शृंखला में मोहनजोदाड़ो में भी पुरातत्त्व खुदाई किया गया। यहाँ मिस्र और मेसोपोटामिया जैसी ही प्राचीन सभ्यता के अवशेष मिले है। क्या मिला है खुदाई... आगे पढ़े

बिंदास हैं पाकिस्तान के न्यूड आर्टिस्ट

Updated on 10 July, 2016, 11:50
  पाकिस्तान की गिनती अक्सर रूढ़िवादी देशों में की जाती है, जहां धर्म और नैतिकता आपकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच आ जाते हैं. लेकिन उसी पाकिस्तान में न्यूड तस्वीरों वाली आर्ट गैलरियां भी हैं.    मोहम्मद अली पाकिस्तान में पेंटर हैं. अपनी एक न्यूड पेंटिंग दिखाते हुए वह कहते हैं कि पाकिस्तान... आगे पढ़े

आधुनिक भारतीयता के चितेरे थे मणि दा

Updated on 4 July, 2016, 9:52
मणि दा नहीं रहे। नि:संदेह मणि दा यानि के. जी. सुब्रमण्यन के चले जाने को कला जगत की बड़ी क्षति माना जाएगा। क्योंकि भारतीय समकालीन कला ही नहीं विश्व कला जगत में भी इतने बहुआयामी व्यक्तित्व का कोई दूसरा कलाकार नहीं दिखता है। इसलिए यह सिर्फ एक महान कलाकार का चला... आगे पढ़े

कलावृतियों का कारवां (अपनों से )

Updated on 3 July, 2016, 18:24
मनुष्य की कई वृतियों में से एक है, कलावृति। इसी कलावृति के चलते हम किसी भी कलात्मक वस्तु, स्थिति या फिर मनुष्य के प्रति सहज आकर्षण महसूस करते हैं। यह जरूरी नहीं है कि इस प्रकार का आकर्षण जिसमें हो वो कलाकार ही होगा। एक आम आदमी के दिल और... आगे पढ़े

सत्ता परिवर्तन के साइड इफेक्ट...

Updated on 3 July, 2016, 18:13
संपादकीय लेख सत्ता परिवर्तन के साथ ही प्रदेश के कला संस्कृति परिद़श्य में भारी फेर-बदल की तैयारियां चल रही  हैं। सादगी का प्रदर्शन करनीे वाली गहलोत की कार्यप्रणाली से इतर वसुधरा की भव्यता दर्शाने वाली राजशाही शैली के चलते प्रदेश के कला, संस्कृति परिदृश्य की कल्पना सहज ही की जा सकती... आगे पढ़े

आत्मचिन्तन करें कलाकार

Updated on 3 July, 2016, 18:03
संपादकीय लेख कला का संवेदनशीलता के साथ-साथ स्वाभिमान से गहरा नाता रहा है। इतिहास बताता है कि कलाकार ने अपने सिद्धान्तों ओर स्वाभिमान के चलते उन पर छत्रछाया रखने वाले सम्राटों तक से कभी समझौता नहीं किया। अपने स्वाभिमान की खातिर उन्होंने अनेक तकलीफ सही और अमर हो गए। आज भले... आगे पढ़े

आखिर आने लगे खुलकर

Updated on 3 July, 2016, 17:59
संपादकीय लेख प्रदेश में कला और संस्कृति के बढ़ावे के लिए दी जाने वाली अनुदान राशि के अनुचित उपयोग को लेकर शहर के नामी-गिरामी कलाकारों के रोष जाहिर किए जाने के समाचार ने कला जगत में आ रहे बदलाव की ओर स्पष्ट संकेत किया है। अभी तक की परिपाटियों को देखते... आगे पढ़े

आशंकित पर्यटन

Updated on 3 July, 2016, 17:55
संपादकीय लेख राजस्थान के पर्यटन उद्योग के बढ़ते वैभव को शायद किसी की नजर लग गई जो इस वर्ष के आगाज के लिए उत्साहित पर्यटन कर्मियों  को आशंका का सामना करना पड़ रहा है। गत वर्ष पिटे पर्यटन उद्योग की भरपाई की उम्मीद इस वर्ष जहां एक ओर क्षेत्र से रोजगार प्राप्त... आगे पढ़े

पाना खजाना...

Updated on 3 July, 2016, 17:52
संपादकीय लेख मनुष्य की एक प्रवृत्ति रही है बिना किसी मेहनत के बहुत कुछ हासिल करने की। यह प्रवृत्ति किसी देश विशेष की पहचान न होकर पूरे विश्व की मानव जाति पर लागू होती है। इसी प्रवृत्ति के चलते मिस्र से हिन्दुस्तान तक अपने पूर्वजों और राज परिवारों द्वारा गाड़े गए... आगे पढ़े

अपमानित होते शिल्पी; राह भटकते विभाग

Updated on 3 July, 2016, 17:49
संपादकीय लेख आज हमारा देश आजादी के 62 वर्ष रसास्वादन करके 63वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इन बीते वर्षों में देशवासियों ने विरासत में मिली आजाद फिजां का उपयोग अपनी-अपनी सुविधा के हिसाब से करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। आजादी के मर्म को एक कोने में रखते... आगे पढ़े

महंगाई से त्रस्त शिल्पी

Updated on 3 July, 2016, 17:45
संपादकीय लेख कभी दाल आलू खाने वाले को निम्न आर्य वर्ग का माना जाता था। समाज में उसका स्तर कोई मायने नहीं रखता था। आज अचानक उस निम्न स्तर में सेंसेक्स के उछाल की तरह उच्चस्तरीय प्रभाव दिख रहे हैं। भला क्यों न हो, आलू 16 रुपए किलो और दाल 85... आगे पढ़े

प्रसिद्धि पाने के फण्डे

Updated on 3 July, 2016, 17:38
प्रसिद्धि पाने के फण्डे कभी किसी समझदार शायर ने बहुत ही सोच विचार और मानवीय स्वभाव के अनुरूप यह पंक्तियां लिखी होंगी; बदनाम हुए तो क्या, नाम न होगा? और बरसों पहले की लिखी यह पंक्तियां वर्तमान समय में सही मायने में न केवल चरितार्थ हो रही है वरन् कई ज्ञानी इसे आजमा... आगे पढ़े

धोबी घाट पर थीं यक्षिणी

Updated on 3 July, 2016, 12:00
मूमल डेस्कवर्क।  जानकारी नहीं होने और मूर्ति के उलटी होने की वजह से यक्षिणी की मूर्ति का उपयोग दीदारगंज घाट पर धोबी कपड़ों की धुलाई के लिए करते थे। गंगा के तेज बहाव के बाद मूर्ति के सीधी होने पर इसकी महत्ता का पता लोगों को चला।  मैं यक्षिणी की मूर्ति हूं।... आगे पढ़े



Ragini Sinha
Gurugram
Shaila Sharma
Jaipur
Vinay Sharma
Jaipur

Dr. Babndana Chakrabarti
Jaipur
Kailash Soni
Jaopur
Sita Ray
 Ajmer
Priya Anand Pariyani
Ahamdabad   
Lalit Sharma
Udipur
Rajaram Vyas
Udipur
Manoj Bachhan
Patana

देखें : 19वां कला मेला समीक्षा 

तथा 

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