Friday, 15 December 2017, 9:31 PM

मूमल विशेष

प्रतिबिंब की कला में कला का प्रतिबिंब- विनय शर्मा

Updated on 26 November, 2017, 15:59
यूं तो कला की कई विधाएं और विधाओं की कई शाखाएं हैं। कला के प्रति समर्पित कलाकार अपनी कला-विधा के प्रति जुनूनी भी होता है और पारंगत भी। लेकिन कला की दुनिया में कुछ कलाकार ऐसे भी हैं जिन्होने स्वयं को किसी विधा विशेष की सीमाओं में नहीं बांधा है।... आगे पढ़े

एक कला शिखक का कला संकल्प

Updated on 28 October, 2017, 14:34
प्रकृति को बनाया कैनवास कला को जोड़ा गांवों से मूमल नेटवर्क, पाली। कला शिक्षक नवलसिंह चौहान ने शहर में कला की शिक्षा प्राप्त की और अपनी जन्मभूमि, अपने गांवों को अपनी कला से जोड़कर एक उदाहरण पेश किया है। प्रकृति को अपनी कृतियों से साक्षात्कार करवाकर नवलसिंह ने प्रकृति से वास्तव में... आगे पढ़े

वृन्दाबन की सांझी कला: एक कला परम्परा

Updated on 21 September, 2017, 23:27
(यूं तो भारत के प्रत्येक प्रांत में कला के विभिन्न रूप संस्कृति को जीवन्त करते हैं। लेकिन कुछ कलाओं, उनकी प्रस्तुति व उनके प्रदर्शन का समय उन्हें अति विशिष्ट की श्रेणी में ले आता है। वुंदावन की सांझी कला इनमें से एक है। इस लेख में सांझी कला की कुछ... आगे पढ़े

आज कला युग पुरुष रवीन्द्रनाथ टैगोर की 156वीं जयन्ती है

Updated on 7 May, 2017, 14:39
भारतीय कला व साहित्य जगत के युग पुरुष गुरूदेव रविन्द्र नाथ टैगोर की शख्सियत को शब्दों में व्यक्त करना कठिन है। टैगोर अद्भुत प्रतिभा के धनी थे। जिन्दगी के हर पड़ाव व उम्र के हर मोड़ को उन्होने कलात्मकता के साथ जीवन्त किया। आज टैगोर जयंती है। भारत ही नहीं... आगे पढ़े

विनाश का कलात्मक सौन्दर्य

Updated on 27 April, 2017, 7:10
ज्वालामुखी बनी कला अभिव्यक्ति सदियों से ज्वालामुखी का आग उगलता सौन्दर्य इंसान को लुभाता आया है। तबाही के इस मंजर ने संवेदनाओं को आकर्षित कर कब कला की अभिव्यक्ति का रूप धर लिया, पता ही न चला। डर स्वत: ही आकर्षण में तब्दील हो गया। आज हम आपको तबाही के खूबसूरत... आगे पढ़े

भारत ने दिया है दुनिया को अनमोल, असाधारण रंगों का तोहफा

Updated on 17 April, 2017, 7:19
कला इतिहास की यात्रा,  हार्वर्ड के नाजुक रंगों के संग्रहालय की यात्रा पर किसी को भी सहजता से ले जाने में सक्षम है। ...और रंगों के इस अद्भुत संग्राहलय में मौजूद अनमोल व असाधारण रंग यही वर्णन करते हैं कि उनका जन्मदाता कोई औी नहीं, वरन् दुनिया की सबसे पुरानी... आगे पढ़े

World Art Day-an international celebration of the fine arts

Updated on 15 April, 2017, 6:34
आज वर्ल्ड आर्ट-डे है। विश्व भर में इस दिन पर विशेश कला गतिविधियां आयोजित की जाती हैंं। फाईन आर्ट को बढ़ावा देने के लिए आईएए यानि इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ आर्ट द्वारा इस दिवस को प्रति वर्ष 15 अप्रेल को मनाने की घोषणा की गई थी। पहला वर्ल्ड आर्ट-डे 2012 में... आगे पढ़े

जयपुर आर्ट समिट: बड़ा सा कैनवास, बिखरे से रंग

Updated on 19 December, 2016, 16:56
जयपुर आर्ट समिट के बाद संबंधित लोगों के असली आचार-विचार को जानने और उन्हें समेट कर संजीदा पाठकों के लिए संतुलित करने में समय लगता ही है। ...तो देर से ही सही, एक दुरुस्त समीक्षा, जिसे कला जगत के जुड़े गम्भीर कला प्रेमियों को जरूर जानना चाहिए। अपने जीर्णोद्धार की प्रक्रिया... आगे पढ़े

Jaipur Art Summit कला पर विवाद: सीन-दर-सीन

Updated on 16 December, 2016, 12:14
कला पर विवाद: सीन-दर-सीन जयपुर आर्ट समिट में इस साल फिर हुए बवाल के बाद ऐसी कुछ चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं जिनके बारे में कला जगत से जुड़े संजीदा लोगों को जरूर जानना चाहिए। अनुभवी कला प्रेमी अब समझने लगे हैं, यह होता नहीं... प्रायोजित किया जाता है। हम आपके... आगे पढ़े

हरीश कुमावत को शिल्प एवं माटी कला बोर्ड का अध्यक्ष पद

Updated on 5 December, 2016, 15:59
मूमल नेटवर्क, जयपुर। एक बार फिर सम्बन्धित क्षेत्र की हस्तियों को नजरअन्दाज करते हुए शिल्प एवं माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष पद पर राजनैतिक व्यक्ति की नियुक्ति की गई है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कल 4 दिसम्बर को राजनैतिक नियुक्तियों के तहत पूर्व विधायक और कुचामन नगरपालिका के चेयरमैन हरीश कुमावत... आगे पढ़े

जयपुर आर्ट समिट की बदलती तस्वीर

Updated on 3 December, 2016, 14:41
कला संसार के केनवास पर तेजी से उभरते इस आयोजन की बदलती तस्वीर ने कला जगत की कई पुरानी धारणाएं और मिथक तोड़े हैं। नए-नए प्रतिमान स्थापित हो रहे हैं। इन्हें जानने के लिए आपको बरस दर बरस इसमें हुए बदलावों का करीबी जायजा जरूर लेना चाहिए। एडीशन-1  (2013 ) जयपुर आर्ट समिट... आगे पढ़े

यक्षिणी, यक्ष पूजा और बिहार का कला दिवस

Updated on 17 October, 2016, 21:04
दीदार गंज यक्षिणी प्रतिमा की खोज की शताव्दी वर्ष में प्रवेश के उपलक्ष्य में कला ,संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार 'बिहार कला दिवस' मनाने जा रही है । जहाँ तक मेरी जानकारी है, भारतीय कला इतिहास की यह पहली घटना है जब कोई राज्य वर्ष का कोई एक दिन... आगे पढ़े

टमिको कवाटा का कला संसार

Updated on 22 September, 2016, 18:04
टमिको कवाटा का जन्म जापान के कोबे नगर में 1936 में हुआ। बचपन से अपने जीवन की हलचल को कलाकृति की नजर से देखने वाली टमेको ने अपनी कला में लगभग उन तमाम चीजों का प्रयोग किया है जो दैनिक जीवन में काम आती हैं। कला के प्रति दीवानगी के... आगे पढ़े

राजा रवि वर्मा : भारतीय कला जगत के अनश्वर नागरिक

Updated on 18 September, 2016, 15:35
राजा रवि वर्मा पर केन्द्रित प्रभु जोशी का लिखा यह लेख कई बरस पहले प्रकाशित हुआ था। लेख में लेखक की सरल भाषा जहां गुदगुदाती है वहीं राजा रवि वर्मा की कला यात्रा के अनछुए पहलुओं को सुलझाती है। चित्रकार राजा रवि वर्मा पर लिखते हुए मुझे लगभग आधी शताब्दी के... आगे पढ़े

आज गगेन्द्रनाथ ठाकुर की 149वीं जयन्ति

Updated on 18 September, 2016, 13:02
भारतीय चित्रकला के इतिहास में एक समय ऐसा भी आया जब चित्रकला ब्रिटिश नियन्त्रित कम्पनी शैली से मुक्त होकर पुनर्जीवन की ओर बढ़ी। ऐसे समय में भारत की कला को वैश्विक पहचान देने की महत्ती भूमिका के लिए ठाकुर परिवार की साझेदारी को भुलाया नहीं जा सकता। इसी ठाकुर परिवार में... आगे पढ़े

कला जगत के अपराधों पर नजर रखते हैं 'रक्षक'-निकिता पुरी

Updated on 11 September, 2016, 8:11
भारत में अपनी धरोहरों को स्मगलिंग के जरिए विदेशी धरती पर पहुंचाने वाले अपराधी सक्रिय हैं तो उनके अपराधों पर नजर रखकर उन्हें निष्क्रिय करने वाले रक्षक भी। बिना सरकारी पहल व मदद के अपनी इच्छाशक्ति और धरोहरों के प्रति समर्पित भाव के चलते यह रक्षक वर्षों पहले चुराई गईं... आगे पढ़े

कला का अर्थशास्त्र

Updated on 4 September, 2016, 14:35
क्या कला की कोई कीमत होती है? आम तौर पर समाज में कला को फुरसत का कामकाज माना जाता है, जिसमें कोई पैसा नहीं है। मध्यवर्गीय मां-बाप चाहते हैं कि उनके बच्चे पढ़-लिखकर इंजीनियर, डॉक्टर, अफसर वगैरह बनें, कला में वक्त जाया न करें। लेकिन यह भी सच है कि... आगे पढ़े

पुरुषों की चित्रशैली - पटना कलम

Updated on 4 September, 2016, 14:18
बिहार के पटना कलम का जन्म18वीं सदी में हुआ। इसमें वाटर कलर का इस्तेमाल किया गया। आम आदमी के जीवन से जुड़ी यह दुनिया की पहली कला शैली थी जो राजा रजवाड़ों के महलों से बाहर निकली। यह शैली लघु चित्रशैली में शामिल है। इस शैली के अधिकांश चित्रकार पुरुष थे,... आगे पढ़े

कला, कलाकार, और रचनात्मकता

Updated on 2 September, 2016, 15:32
महान कलाकारों द्वारा कला और रचनात्मकता के सम्बन्ध में कहे गए अप्रतिम कथनों का संकलन इस संकलन में महान कलाकारों के अपने शब्दों में है, कला और जीवन रचना की संक्षिप्त व्याख्या- 'सागरतट पर खड़े होकर लहरों को ताकने से तुम पार नहीं जा सकते।' -रवीन्द्रनाथ टैगोर 'कला हमारे जीवन से रोज़मर्रा... आगे पढ़े

विभाजन के बाद महात्मा गांधी के कारण एस एच रजा ने भारत नहीं छोड़ा था

Updated on 19 August, 2016, 10:38
“देश की आजादी के समय 1947 में हुए विभाजन के बाद परिवार के पाकिस्तान चले जाने के बावजूद मशहूर चित्रकार सैयद हैदर रजा ने भारत में ही रहने का फैसला किया था। उनके इस फैसले के पीछे उनकी मातृभूमि के प्रति वफादारी तो थी ही, लेकिन इसकी एक वजह महात्मा... आगे पढ़े

PRISMA एक ऐसा ऐप है जो तस्वीरों को पेंटिंग में बदल देता है...

Updated on 11 August, 2016, 10:45
यह रेगुलर पिक्सल्स को मास्टरफुल ब्रश स्ट्रोक्स में बदल देता है मूमल डेस्कवर्क। स्मार्टफ़ोन आज हर किसी की जरुरत बना गया है, लोग अपने स्मार्टफ़ोन के जरिये अपने दोस्तों से हर समय कनेक्ट रहते हैं. स्मार्टफ़ोन में कैमरे के होने की वजह से भी लोग अपनी नई-नई तस्वीरें लेते हैं और... आगे पढ़े

कैसे सफल हुए सैयद हैदर रजा...

Updated on 26 July, 2016, 17:13
मूमल नेटवर्क, भोपाल/ नई दिल्ली। मशहूर चित्रकार सैयद हैदर रजा का शनिवार को नई दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया। 94 वर्ष के रजा दो माह से आईसीयू में थे। उनका जन्म मध्यप्रदेश के मंडला जिले में 22 फरवरी, 1922 को हुआ था। 60 साल तक फ्रांस में रहने के... आगे पढ़े

फ़िल्म उद्योग में और कितने मुबारक बेगम !

Updated on 25 July, 2016, 17:29
“अपने ज़माने की बेहतरीन गायिका मुबारक बेगम दुनिया से विदा हो गईं । 'शो मस्ट गो ऑन' के दर्शन में यक़ीन रखने वाली फ़िल्म इंडस्ट्री की आबोहवा पर उनकी रुख़्साती से कोई फ़र्क़ ना तो पड़ना था और ना ही पड़ा । बेशक आम भारतीय आज भी उनके गीत 'कभी... आगे पढ़े

outlookhindi.com पर देखें सैयद हैदर रजा का खास इंटरव्यू

Updated on 25 July, 2016, 17:25
“अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त भारतीय चित्रकार सैयद हैदर रजा का शनिवार को निधन हो गया। पद्मश्री और पद्म भूषण से सम्मानित सैयद हैदर रज़ा उर्फ़ एस.एच. रज़ा का जन्म 22 फ़रवरी 1922 को मध्य प्रदेश के मंडला जिले के बावरिया में हुआ था। ” वर्ष 1950 के बाद से रजा फ्रांस में रहने... आगे पढ़े

हमेशा ही याद आएंगी मुबारक बेगम

Updated on 22 July, 2016, 11:16
“कभी तनहाइयों में हमारी याद आएगी...सन 1961 का सबसे बड़ा हिट रोमांटिक गाना था। इसे गाया था, मुबारक बेगम ने। अस्सी की उम्र में मुबारक बेगम इस दुनिया को अलविदा कह गईं। उनके पीछे तनहाईयों में अब बस उनकी याद है। ” मुंबई के उपनगर जोगेश्वरी में कल मुबारक बेगम ने... आगे पढ़े

इतिहास: जानिए सिन्धु घाटी सभ्यता के बारे में खास बातें

Updated on 18 July, 2016, 12:35
मुअन जो दड़ो / मोहनजोदाड़ो जिसका अर्थ 'मुर्दों का टीला है' 2600 ईसा पूर्व की एक सुव्यवस्थित नगरीय सभ्यता थी। हड़प्पा, मेहरगढ़ और लोथल की ही शृंखला में मोहनजोदाड़ो में भी पुरातत्त्व खुदाई किया गया। यहाँ मिस्र और मेसोपोटामिया जैसी ही प्राचीन सभ्यता के अवशेष मिले है। क्या मिला है खुदाई... आगे पढ़े

बिंदास हैं पाकिस्तान के न्यूड आर्टिस्ट

Updated on 10 July, 2016, 11:50
  पाकिस्तान की गिनती अक्सर रूढ़िवादी देशों में की जाती है, जहां धर्म और नैतिकता आपकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच आ जाते हैं. लेकिन उसी पाकिस्तान में न्यूड तस्वीरों वाली आर्ट गैलरियां भी हैं.    मोहम्मद अली पाकिस्तान में पेंटर हैं. अपनी एक न्यूड पेंटिंग दिखाते हुए वह कहते हैं कि पाकिस्तान... आगे पढ़े

आधुनिक भारतीयता के चितेरे थे मणि दा

Updated on 4 July, 2016, 9:52
मणि दा नहीं रहे। नि:संदेह मणि दा यानि के. जी. सुब्रमण्यन के चले जाने को कला जगत की बड़ी क्षति माना जाएगा। क्योंकि भारतीय समकालीन कला ही नहीं विश्व कला जगत में भी इतने बहुआयामी व्यक्तित्व का कोई दूसरा कलाकार नहीं दिखता है। इसलिए यह सिर्फ एक महान कलाकार का चला... आगे पढ़े

कलावृतियों का कारवां (अपनों से )

Updated on 3 July, 2016, 18:24
मनुष्य की कई वृतियों में से एक है, कलावृति। इसी कलावृति के चलते हम किसी भी कलात्मक वस्तु, स्थिति या फिर मनुष्य के प्रति सहज आकर्षण महसूस करते हैं। यह जरूरी नहीं है कि इस प्रकार का आकर्षण जिसमें हो वो कलाकार ही होगा। एक आम आदमी के दिल और... आगे पढ़े

सत्ता परिवर्तन के साइड इफेक्ट...

Updated on 3 July, 2016, 18:13
संपादकीय लेख सत्ता परिवर्तन के साथ ही प्रदेश के कला संस्कृति परिद़श्य में भारी फेर-बदल की तैयारियां चल रही  हैं। सादगी का प्रदर्शन करनीे वाली गहलोत की कार्यप्रणाली से इतर वसुधरा की भव्यता दर्शाने वाली राजशाही शैली के चलते प्रदेश के कला, संस्कृति परिदृश्य की कल्पना सहज ही की जा सकती... आगे पढ़े



Ragini Sinha
Gurugram
Shaila Sharma
Jaipur
Vinay Sharma
Jaipur

Dr. Babndana Chakrabarti
Jaipur
Kailash Soni
Jaopur
Sita Ray
 Ajmer
Priya Anand Pariyani
Ahamdabad   
Lalit Sharma
Udipur
Rajaram Vyas
Udipur
Manoj Bachhan
Patana

देखें : 19वां कला मेला समीक्षा 

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